राजगढ़ (निशेष शर्मा, संवाददाता),
रावमापा फागु में आयोजित की जा रही तीन दिवसीय चिल्ड्रन साइंस कांग्रेस का आज सफल समापन हुआ | HIMCOSTE शिमला तथा जिला उपनिदेशक, सिरमौर द्वारा राजगढ़ उप मंडल की 31 वीं चिल्ड्रन साइंस काँग्रेस का आयोजन 25 अक्टूबर से 27 अक्टूबर तक रा व मा पा फागु में किया जा रहा है। इस साइंस कांग्रेस के प्रभारी विजेश पाल पुंडीर ने बताया कि इस प्रतियोगिता में लगभग 25 विद्यालयों के तकरीबन 130 बच्चे भाग ले रहे है। इस प्रतियोगिता में तीन वर्ग जूनियर, सीनियर तथा सिनियर सेकेण्डरी ने भाग लिया। चिल्ड्रन साइंस काँग्रेस की इस प्रतियोगिता में विभिन्न गतिविधियां जैसे साइंस क्विज, मैथमेटिक्स ओलिंपियाड, साइंस एक्टिविटी, इनोवेटिव साइंस मॉडल, प्रोजेक्ट रिपोर्ट तथा साइंस स्किट का आयोजन होता है। जिसने स्किट तथा प्रोजेक्ट रिपोर्ट की प्रतियोगिता जिला स्तर पर ही आईजीत कि जाति है। बतां दे कि 25 अक्टूबर को स्कूल की प्रधानाचार्या कांता चौहान ने बतौर मुख्यातिथि इस कार्यक्रम का विधिवत शुभारम्भ किया। तीन दिवसीय इस विज्ञान प्रतियोगिता में लगातार सभी क्विज मास्टर तथा नन्हे वैज्ञानिक अनेक प्रकार की गतिविधियों में व्यस्त रहे।
आज 27 अक्टूबर को इस आयोजन के समापन के मुख्य अतिथि, विद्यालय की स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष यश पाल थे। उन्होंने विभिन्न प्रतियोगिताओं में विजेता तथा उप विजेता रहे विद्यार्थियों को इनाम बाँटे। तीन दिवसीय चिल्ड्रन साइंस कांग्रेस के इस कार्यक्रम में जूनियर साइंस क्विज में रा व मा मांडिया घाट हर्षिता व हिमानी ने पहला, रा व मा पा सनियो दीदग सृष्टि, दिया तथा रा उ वि ठोड़ निवाड़ अर्पित व रिद्धि ने संयुक्त रूप से दूसरा स्थान तथा रा व मा पा कोटला माँगन खुशबू व अम्बिका ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। सीनियर वर्ग साइंस क्विज में रा व मा पा छोगटाली कनिका व आरुषि ने प्रथम स्थान, रा व मा पा कोटला माँगन आयुषी व ईशांत ने दूसरा तथा रा व मा पा मांडिया घाट भारती व वरुण ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। सीनियर सेकेण्डरी वर्ग के साइंस क्विज रा मॉ व मा पा राजगढ़ दिग्विजय व प्रगति ने प्रथम तथा रा व मा पा सनीयो दीदग सूर्यांश व अनीतिका ने दूसरा स्थान प्राप्त किया। जूनिवर वर्ग के मैथमेटिक्स ओलिंपियाड में रा व मा पा मांडिया घाट ने प्रथम , रा उच्च विद्यालय धरोटी ने द्वितीय तथा रा व मा पा छोगटालि ने तृतीय स्थान प्राप्त किया । सीनियर वर्ग के मैथेमैटिक्स ओलिंपियाड में रा व मा पा पबियाना के छात्र संगम ने प्रथम स्थान, रा व मा पा की छात्रा हर्षिता ने दूसरा तथा रा व मा पा जदोल टपरोली के छात्र अनिल ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। सिनियर सेकेण्डरी वर्ग के मैथमेटिक्स ओलिंपियाड में रा व मा पा राजगढ़ के छात्र दीक्षित ने प्रथम तो रा व मा पा सनियो दीदग के छात्र आदित्य ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। साइंस एक्टिविटी सिनियर के जूनियर वर्ग में रा व मा पा कोटला माँगन श्रीयांश ने प्रथम, रा उ विद्यालय धरोटी के रुद्र ने द्वितीय तथा रा व मा पा मांडिया घाट के रौनक ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। सीनियर वर्ग की एक्टिविटी में रा व मा पा राजगढ़ के अर्णव ने पहला, रा व मा पा गढोल पीरग के अक्षित ने दूसरा तथा रा व मा पा छोग टाली के लविश ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। सीनियर सेकेण्डरी वर्ग में रा व मा पा राजगढ़ की नैनिकाने पहला, रा व मा पा सनियो दीदग के लोविश ने दूसरा साथ प्राप्त किया । इनोवेटिव साइंस मोडल में रा व मा पा राजगढ़ की ईशा ने पहला, रा व मा पा छोग टाली के क्षितिज ने दूसरा तथा रा व मा पा की तम्मना ने तीसरा स्थान प्राप्त किया ।
इस प्रतियोगिता को सफल बनाने के लिये प्रारंभिक जिला उपनिदेशक सिरमौर की तरफ से क्विज मास्टर की एक सशक्त टीम बनाकर भेजा गया था, जिसके प्रभारी विजेश पाल पुंडीर , प्रवीण शर्मा, सुमन राणा, यश पाल चौहान, सोम दत्त, सुरेश ठाकुर, अनिल कुमार, दिनेश सुर्या तथा दिनेश शर्मा शामिल थे। आयोजन के अंत में क्विज के प्रभारी विजेश पुंडीर ने जहां सभी विजेताओं को शुभकामनाएं दी वंही इस बात पर दुःख भी जताया कि इस प्रकार की बौद्धिक क्षमता वाली गतिविधि में काफी कान स्कूलों ने भाग लिया था। उन्हीने मंच से सब डिवीजन राजगढ़ के तमान विज्ञान अध्यापकों का आह्वाहन किया कि भविष्य में ऐसे कार्यक्रमों मैं ज्यादा से ज्यादा बच्चों की भागीदारी सुनिश्चित करवाएं। उन्होंने सभी विजित विद्यार्थियों तथा उनके अध्यापकों से अपील की कि जिला स्तर पर अच्छा प्रदर्शन कर राजगढ़ का नाम रोशन करें। उन्होंने यह भी कहा कि जो विद्यार्थी इनाम नही ले पाए उन्हें हताश होने की कोई आवश्यकता नही है, बल्कि अगले वर्ष के लिये अभी से तैयारियों में लग जाना चाहिए। आयोजन के मुख्य अतिथि यशपाल ने इस आयोजन को सफल बनाने के लिए स्कूल स्टाफ का तथा जिला से आये सभी क्विज मास्टर्स का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि हमारे क्षेत्र में इस तरह के कार्यक्रमों से जहां एक ओर बच्चों को विज्ञान की नई नई जानकारी मिलती है, वंही बच्चों के वैज्ञानिक दृष्टिकोण को भी बढावा मिलता है।

