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शिमला (विकास शर्मा ,ब्यूरो चीफ),
उपायुक्त अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में जिला स्तरीय तकनीकी समिति की बैठक मंगलवार को आयोजित की गई। इस बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए वित्तीय सहायता का स्केल निर्धारित किया गया।बैठक में कृषि विभाग, बागवानी विभाग, मत्स्य विभाग और पशुपालन विभाग के तहत वित्तीय सहायता के स्केल का निर्धारण किया गया। अब इन्हें राज्य स्तरीय तकनीकी समिति की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।उपायुक्त ने कहा कि जलवायु परिर्वतन के कारण किसानों को फसलों का नुक्सान उठाना पड़ता है। ऐसे में किसानों को वैकल्पिक फसलों की दिशा में कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पुष्प कृषि एक बेहतरीन विकल्प के तौर पर पहाड़ी राज्यों में उभर रहा है। जिला में कई किसानों ने पुष्प कृषि को अपनाया है। इससे जहां वह अपनी आय में बढ़ौतरी कर रहे हैं, वहीं फसलों के नुक्सान के कारण पहले जिस आर्थिक बोझ में दबे रहते थे उससे भी निदान मिल रहा है।कृषि विभाग में प्रति एकड़ की दर से आलू, फूल गोभी, मटर, गोभी, गेहू, धान, मक्की, टमाटर, जौ, दाले, अदरक, लहुसन आदि की फसलों को सम्मलित किया गया है। बागवानी विभाग में सेब, कीवी, चैरी, मैंगो, अनार, जपानी फल, चकोतरा, स्टोन फ्रूट आदि की फसलों की नई दरें तय की गई है।इस बैठक में एसी टू डीसी देवी चंद ठाकुर सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
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